
रांची नगर निगम के पार्षद चुनाव में इस बार अनारक्षित सीटों पर भी आदिवासी प्रत्याशियों का प्रभाव साफ दिखाई दिया। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित वार्डों के अलावा सामान्य यानी अनारक्षित सीटों पर भी आदिवासी महिला और पुरुष उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
नगर निगम क्षेत्र में कुल 27 अनारक्षित सीटें हैं, जिनमें अनारक्षित महिला और अनारक्षित अन्य वर्ग की सीटें शामिल हैं। इनमें से नौ सीटों पर आदिवासी प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
खास बात यह रही कि इन नौ में पांच सीटों पर आदिवासी महिलाएं विजयी रहीं। वहीं नौ सीट से मुस्लिम प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इसके अलावा वार्ड-44 से पहली बार सिख समुदाय से परमजीत सिंह पहली बार पार्षद चुने गए हैं।
अनारक्षित महिला सीटों पर शानदार प्रदर्शन
13 अनारक्षित महिला सीटों में से पांच पर आदिवासी महिलाओं ने जीत दर्ज की। ये सीटें सामान्य वर्ग के लिए खुली थीं, जहां अन्य वर्ग के उम्मीदवार भी मैदान में थे।
विजयी महिला प्रत्याशी वार्ड 03 से बसंती लकड़ा वार्ड 06 से मोनिका लकड़ा वार्ड 08 से किरण खलखो वार्ड 33 से पुष्पा टोप्पो वार्ड 50 से सुनीता तिर्की
अनारक्षित अन्य वर्ग सीटों पर भी जीत
14 अनारक्षित अन्य वर्ग की सीटों में से चार पर अनुसूचित जनजाति के पुरुष उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। इन सीटों पर किसी भी वर्ग का प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता था। विजयी पुरुष प्रत्याशी वार्ड 04 से अमित मुंडा वार्ड 24 से विजय कच्छप वार्ड 34 से अजीत भगत वार्ड 48 से अमित मिंज
कई वार्डों में मुकाबला बेहद कड़ा रहा
वार्ड 33 में कड़ी टक्कर के बीच पुष्पा टोप्पो ने एक बार फिर अपनी सीट बचाने में सफलता पाई। वहीं वार्ड 34 से अजीत भगत ने पहली बार जीत दर्ज की। इससे पहले इस वार्ड से सामान्य वर्ग के प्रतिनिधि निर्वाचित होते रहे थे।
यह मुस्लिम पार्षद चुने गए
वार्ड-11 से आलिया नाज, वार्ड-15 से गजाला परवीन, वार्ड-16 से मो. सलाउद्दीन, वार्ड-17 से फातमा शमीम, वार्ड-21 से मो एहतेशाम, वार्ड-22 से मो. असलम, वार्ड-23 से फरहा नाज, वार्ड-45 से नसीम गद्दी, वार्ड-49 से जमीला खातून।



