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मिडिल ईस्ट संकट का असर: इंडिगो ने रद कीं 500 से ज्यादा उड़ानें

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और सैन्य कार्रवाइयों के कारण मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों ने वैश्विक उड्डयन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने पिछले चार दिनों (28 फरवरी से 3 मार्च) में मध्य पूर्व और कुछ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए 500 से अधिक उड़ानें रद कर दी हैं।

इंडिगो ने बुधवार को एक नियामकीय फाइलिंग में इसकी पुष्टि की। एयरलाइन ने कहा कि ईरान और अन्य खाड़ी देशों के ऊपर हवाई क्षेत्र में लगातार बदलाव और प्रतिबंधों के कारण यह कदम उठाना पड़ा।

कंपनी ने कहा, “हमारी परिचालन टीमें क्षेत्रीय घटनाक्रमों का लगातार आकलन कर रही हैं, उड़ान कार्यक्रम को पुनर्निर्धारित कर रही हैं और भारत तथा संबंधित अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय में यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए प्रत्यावर्तन (रिपेट्रिएशन) अभियानों की योजना बना रही हैं।”

यह रद्दीकरण मुख्य रूप से उन उड़ानों पर लागू हुआ है जो मध्य पूर्वी हवाई क्षेत्र से गुजरती हैं, जिसमें दुबई, अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, मदीना जैसे प्रमुख गंतव्य शामिल हैं। इंडिगो ने यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था, रिफंड या रीबुकिंग के विकल्प प्रदान किए हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा स्थिति के चलते भारतीय विमानन कंपनियों की 1,221 उड़ानें और विदेशी कंपनियों की 388 उड़ानें (3 मार्च तक) रद की गई हैं। मंत्रालय ने बताया कि 3 मार्च को भारत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या सिर्फ 356 रही, जबकि विभिन्न हवाई अड्डों पर 338 उड़ानें उतरीं।

एक नियामकीय फाइलिंग में, एयरलाइन ने कहा कि वह इस स्थिति से उत्पन्न होने वाले राजस्व परिवेश पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगी। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगने से 28 फरवरी से उड़ान सेवाओं पर काफी असर पड़ा है।

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