
श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने कहा कि गुरु की शरण में आकर ही मनुष्य को सच्चे मार्ग का ज्ञान प्राप्त होता है। गुरु की वाणी अमृत के समान है जो मानव जीवन को पवित्र और सफल बनाती है।
श्री झंडे जी के आरोहण के तीसरे दिन आज नगर परिक्रमा निकाली गई। श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में हजारों श्रद्धालु नगर परिक्रमा में शामिल हुए। सुबह से ही संगत बड़ी संख्या में दरबार साहिब में जुटी थी इसके बाद नगर परिक्रमा शुरू हुई।
श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने कहा कि गुरु की शरण में आकर ही मनुष्य को सच्चे मार्ग का ज्ञान प्राप्त होता है। गुरु की वाणी अमृत के समान है जो मानव जीवन को पवित्र और सफल बनाती है। उन्होंने कहा कि भक्ति, सेवा और सत्कर्म ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु का स्मरण करता है, उस पर सद्गुरु की असीम कृपा बरसती है।
दरबार साहिब से नगर परिक्रमा शुरू हुई। इसके बाद सहारनपुर चौक, कांवली रोड होते हुए एसजीआरआर बिंदाल, तिलक रोड, चकराता रोड, घंटाघर, पलटन बाजार से होकर श्री दरबार साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुई।
इस दौरान एसजीआरआर बॉम्बेबाग में गन्ने का प्रसाद बांटा गया। मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि नगर परिक्रमा दूनवासियों के लिए भी ऐतिहासिक क्षण होता है, जब देश-विदेश की संगत उनके बीच होती है। इसके अलावा श्री दरबार साहिब परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में 200 यूनिट रक्तदान हुआ।




