
धनबाद नगर निगम के डिप्टी मेयर की लामबंदी जोरों पर है। हार्स ट्रेडिंग की भी प्रबल संभावना है। वहीं, नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह भी चाहेंगे कि उनकी पसंद का पार्षद ही डिप्टी मेयर बने।
इसके अलावा भाजपा, कांग्रेस, भाकपा माले और झामुमो भी अपना डिप्टी मेयर बनाने के लिए दाव लगा रहे हैं, लेकिन वर्तमान निगम बार्ड में एक ऐसी स्थिति है कि यदि यह सही साबित होती है तो कोई महिला पार्षद ही डिप्टी मेयर बनेगी।
क्योंकि 55 वार्डों में से 34 में महिलाएं पार्षद बनी हैं। यदि यह सभी एकजुट होती हैं तो फिर डिप्टी मेयर का पद इनके कब्जे में होगा।
27 सीट आरक्षित, अन्य सात पर भी महिलाएं विजेता
निर्वाचन आयोग ने महिलाओं को वार्ड में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। इसके तहत 55 में से 26 सीटें महिला आरक्षित थीं। इन सभी वार्डों में महिलाएं ही पार्षद बनी। इसके अलावा सात अन्य वार्डों में भी महिलाओं की जीत हुई है। ऐसे में इनकी कुल संख्या 33 हो गई है। जो डिप्टी मेयर के लिए जरूरी वोट से अधिक है।
महिला आरक्षित सीट से ये बनीं पार्षद
जबकि महिला आरक्षित सीट वार्ड संख्या एक से मुधुमाला, तीन से रागिनी बिनायक गुप्ता, छह से कल्पना महतो, नौ से सुनैना पासवान, 12 से शोभा देवी, 13 से करमी देवी, 15 से रेमा सिंह, 16 से अरूणा कुमारी, 18 से समीदा बीबी, 19 से नाजिया परवीन, 21 से उर्मिला मंडल, 22 से सुमन सिंह, 24 से सरिता सिंह, 27 से स्वेतमा राज, 31 से मीनाक्षी सिंह, 33 से मेनका सिंह, 34 से गोरी देवी, 37 से गुडिया देवी, 40 से काजल कुमारी, 43 से शाहजहां खातुन, 44 से हुलासो देवी, 46 से रानी देवी, 47 से तारामुनी देवी, 49 से बबीता गोराई, 50 से रीना महतो और 52 से लक्ष्मी कुमारी निर्वाचित हुई हैं।
डिप्टी मेयर को लेकर लामबंदी शुरू
डिप्टी मेयर का चुनाव के लिए वोटिंग देने का अधिकार पार्षदों को है। ऐसे में डिप्टी मेयर की दावेदारी के लिए कई नाम सामने हैं। कुछ चुपचाप लामबंदी कर रहे हैं तो पार्षद मेनका सिंह खुल कर सामने आ गई हैं।
मेनका सिंह ने अपने पक्ष में महिला पार्षदों को एकजुट करने का प्रयास किया है। जबकि दूसरा नाम वार्ड सात के पार्षद अरूण चौहान का सामने आया है। इसक अलावा भी कुछ नाम आ रहे हैं, लेकिन डिप्टी मेयर की दौड़ में आगे रहने के लिए सभी अपनी-अपनी लामबंदी कर रहे हैं।




