राष्ट्रीय

गर्मी का डबल असर, दिन के साथ रातें भी हो रहीं गर्म

देशभर में इस समय तेज गर्मी का प्रकोप जारी है और कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। इसको लेकर भारत मौसम विभाग ने व्यापक अलर्ट जारी किया है।

लेकिन इस बार चिंता सिर्फ दिन की तेज गर्मी को लेकर नहीं है, बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म हो रही हैं। इससे शरीर को ठंडा होने का समय नहीं मिल पा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म रात की स्थिति बनी रह सकती है, जहां न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

दिल्ली में रात का तापमान लगातार ऊंचा

दिल्ली में अप्रैल महीने के दौरान रात का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया है। यह हाल के वर्षों के औसत और लंबे समय के औसत दोनों से ऊपर रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस महीने ज्यादातर दिनों में न्यूनतम तापमान 2020-2025 के औसत और 1991-2020 के सामान्य स्तर से ज्यादा रहा।

अप्रैल के मध्य से ही रातें ज्यादा गर्म होने लगीं। 29 अप्रैल को तापमान करीब 28.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि 18 से 29 अप्रैल के बीच लगभग हर दिन तापमान सामान्य से ऊपर रहा।

देश के कई हिस्सों में बढ़ा असर

यह स्थिति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। देशभर में कम से कम 17 स्थानों पर रात का तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के उमरिया में तापमान 7.7 डिग्री, राजस्थान के फलोदी में 7.6 डिग्री और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 6.1 डिग्री सेल्सियस तक सामान्य से अधिक रहा। इसके अलावा अमृतसर, हिसार, रोहतक, चित्रकूट, सतना और सुंदरगढ़ जैसे इलाकों में भी रात का तापमान काफी ज्यादा रहा।

क्यों खतरनाक हैं गर्म रातें?

मौसम विभाग के अनुसार, लगातार गर्म रातें शरीर पर ज्यादा दबाव डालती हैं। इससे हीट स्ट्रेस बढ़ता है, भले ही दिन का तापमान थोड़ा कम हो जाए। जब रात में भी गर्मी बनी रहती है, तो शरीर को ठंडा होने का समय नहीं मिलता, जिससे बुजुर्गों, मजदूरों और खराब वेंटिलेशन वाले घरों में रहने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

मौसम विभाग के 2026 के पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा न्यूनतम तापमान बना रह सकता है, यानी आने वाले समय में रातें भी गर्म रहने की संभावना है।

Related Articles

Back to top button