पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल से भी 40 मिनट ज्यादा समय बाबा विश्वनाथ और भक्तों के साथ बिताया

पीएम मोदी ने बुधवार को काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन किए। उनके धाम में प्रवेश करते ही 151 ब्राह्मणों के शंखों की ध्वनि और 22 डमरूओं का नाद गूंजा। 11 पुजारियों की शिव स्तुति से पीएम मोदी का स्वागत हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 महीने बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और प्रोटोकॉल से 40 मिनट ज्यादा 65 मिनट तक बाबा के धाम में पूजा-पाठ में समय बिताया। उनके धाम में प्रवेश करते ही 151 ब्राह्मणों के शंखों की ध्वनि और 22 डमरूओं का नाद गूंजा। 11 पुजारियों की शिव स्तुति से पीएम मोदी का स्वागत हुआ जिनमें तमिल ब्राह्मण शामिल थे। गर्भगृह में 16 उपचारों वाला षोडशोपचार अनुष्ठान करीब 15 मिनट तक चला।
बाहर निकले तो नेताओं ने उन्हें त्रिशूल और डमरू भेंट किया जिसे पीएम ने दोनों हाथ से उठाकर श्रद्धालुओं की तरफ दिखाया। इस दौरान उन्हें मंदिर की प्रतिकृतियां दी गईं और अंग वस्त्रम भी पहनाए गए। पूजा के बाद पीएम मोदी ने कॉरिडोर में मौजूद विग्रहों, छोटे मंदिरों और प्रतिमाओं को देखा और उनकी जानकारी ली। फिर गंगा द्वार से होते हुए ललिता घाट की ओर तक गए। उन्होंने मां गंगा के दर्शन कर घाट और नावों पर बैठे लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
अन्नपूर्णा मंदिर सहित बाकी मंदिरों का बेहतर विकास हो
पीएम मोदी ने धाम स्थित अन्नपूर्णा मंदिर की बेहतरी के साथ ही काशी के बाकी मंदिरों की सुविधाओं को उच्च स्तरीय रखने के भी निर्देश दिए।
पीएम के शतायु होने के लिए की गई शिव की आराधना
पीएम मोदी के गेट नंबर चार से प्रवेश करते ही 151 ब्राह्मणों ने शंख बजाकर स्वागत किया। प्रवेश करते ही तमिल ब्राह्मण पंडित वेंकट रमन घनपाठी के नेतृत्व में 11 पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के साथ भगवान शिव की स्तुति और महामृत्यंजय मंत्र पढ़ा। षोडशोपचार के बाद इन्हीं 11 ब्राह्मणों द्वारा पीएम मोदी के आरोग्य, स्वस्थ और शतायु रहने के लिए शतमानं भवति (आशीर्वाद मंत्र) का घनपाठ किया गया।




