हिंद महासागर में उतरा एलन मस्क का स्टारशिप

स्पेसएक्स के स्टारशिप अंतरिक्ष यान ने शुक्रवार को हिंद महासागर में सफलतापूर्वक पानी में लैंडिंग किया। यह लैंडिंग कंपनी के विशालकाय रॉकेट के लेटेस्ट संस्करण की काफी हद तक सफल परीक्षण उड़ान के बाद हुई। इस तरह, लगभग एक घंटे तक चला यह मिशन जोरदार धमाके के साथ ठीक उसी जगह पर समाप्त हुआ, जहां मिशन योजनाकारों ने इसे समाप्त करने की योजना बनाई थी।
स्टारशिप के बड़े V3 मॉडल का पहला लॉन्च सफलताओं और असफलताओं के बीच एक नाटकीय संतुलन का खेल था। टेक्सास के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित SpaceX की Starbase लॉन्च सुविधाओं से उड़ान भरने के बाद इस मिशन में कई उतार-चढ़ाव आए।
स्टारशिप अंतरिक्ष यान का ऊपरी हिस्सा हिंद महासागर में जा गिरा
उड़ान भरने के बाद यह यान खाड़ी के ऊपर से तेजी से गुजरा और लगभग एक घंटे बाद, स्टारशिप अंतरिक्ष यान का ऊपरी हिस्सा हिंद महासागर में जा गिरा। यह सब तब हुआ, जब इंजन में आई समस्या ने बार-बार यान को नष्ट करने का खतरा पैदा किया था।
गुरुवार को हुए लॉन्च के प्रयास के विपरीत, इस बार काउंटडाउन के दौरान कोई समस्या नहीं आई। स्टारशिप ने लॉन्च विंडो के ठीक शुरुआत में ही उड़ान भरी, और उसके सभी 33 Raptor इंजन पूरी ताकत से चालू हो गए।
हालांकि, इस उड़ान के दौरान कुछ तकनीकी खामियां भी सामने आईं, लेकिन परीक्षण उड़ान के पूरा होने के बाद लाइवस्ट्रीम में स्पेसएक्स के कर्मचारी खुशी से झूमते नजर आए। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब एलन मस्क के स्वामित्व वाली यह कंपनी अपना रिकॉर्ड-तोड़ इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है, जो संभावित रूप से जून में आ सकता है।
इस विशालकाय रॉकेट ने स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे के ठीक बाद अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। कंपनी का इरादा बूस्टर या ऊपरी चरण को वापस प्राप्त करने का नहीं था, और योजना के अनुसार अंतिम स्प्लैशडाउन आग की लपटों के साथ लेकिन पूरी तरह से नियंत्रित था। कंपनी ने एक्स पर इसकी पुष्टि करते हुए लिखा कि स्प्लैशडाउन की पुष्टि हो गई है।
नए डिजाइन और तकनीक का परीक्षण
इस उड़ान में स्पेसएक्स का मुख्य उद्देश्य अपने नए डिज़ाइनों और तकनीक का परीक्षण करना था। स्टारशिप के इस तीसरी पीढ़ी के अंतरिक्ष यान ने हवा में एक ऐसा करतब दिखाया जिसमें यह सीधा हो गया और नियंत्रण स्थापित करने के लिए अपने इंजनों को फिर से चालू किया, वह भी तब जब इसका एक इंजन काम नहीं कर रहा था।
इसने अपने 22 डमी सैटेलाइट्स को भी तैनात किया, जिनमें से दो सैटेलाइट्स ने विश्लेषण के लिए अंतरिक्ष यान के हीट शील्ड की तस्वीरें लेने का प्रयास भी किया।
अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष से होकर तो गुजरा, लेकिन शुरुआती बर्न के दौरान इसके एक इंजन में खराबी आ जाने के कारण यह बिल्कुल सटीक कक्षा में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के प्रवक्ता डैन हुओट ने कहा कि मैं इसे सटीक कक्षीय प्रविष्टि नहीं कहूंगा। हालांकि उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि यह पहले से आंके गए प्रक्षेपवक्र की सीमाओं के भीतर था।
उम्मीद के मुताबिक ऊपरी चरण से सुपर हैवी बूस्टर के अलग होने के बाद, हुओट ने लाइवस्ट्रीम पर बताया कि बूस्टर अपना बूस्ट-बैक बर्न पूरा करने में विफल रहा। इसके परिणामस्वरूप, बूस्टर अनियंत्रित होकर मेक्सिको की खाड़ी में तेजी से गिर गया। हालांकि स्पेसएक्स की इसे वापस लाने की योजना नहीं थी, लेकिन कंपनी को इसकी अधिक सटीक वापसी की उम्मीद थी।
लॉन्च से पहले आई थी रुकावट
शुक्रवार की यह उड़ान एक दिन पहले रद्द किए गए परीक्षण के बाद संभव हो सकी। अंतिम समय में आई कुछ तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाने के कारण, उल्टी गिनती को बीच में रोकना पड़ा था। मस्क ने तुरंत एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि “टॉवर आर्म को अपनी जगह पर रखने वाला हाइड्रोलिक पिन वापस नहीं हटा।” स्पेसएक्स ने बताया कि इस समस्या को रातोरात ठीक कर लिया गया था।
स्टारशिप की यह कुल 12वीं उड़ान थी, लेकिन पिछले सात महीनों में यह पहला परीक्षण था। इसका नवीनतम डिज़ाइन अपने पिछले संस्करण की तुलना में काफी बड़ा है, जो पूरी तरह से जोड़े जाने पर 407 फीट (124 मीटर) से अधिक लंबा है।
आगे का लंबा सफर और आर्टेमिस मिशन
स्पेसएक्स की इस प्रगति पर बहुत कुछ निर्भर करता है। कंपनी ने नासा के साथ स्टारशिप का एक संशोधित संस्करण बनाने का अनुबंध किया है, जो भविष्य में लूनर लैंडिंग सिस्टम के रूप में काम करेगा।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के आर्टेमिस कार्यक्रम का लक्ष्य इंसानों को चंद्रमा पर वापस भेजना है, वहीं चीन भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और उसने 2030 तक अपने पहले मानवयुक्त मिशन का लक्ष्य रखा है।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के एयरोस्पेस विशेषज्ञ क्लेटन स्वोप ने एएफपी को बताया कि स्टारशिप के अपग्रेड किए गए संस्करण ने लॉन्च के दौरान वह ज्यादातर काम किया जिसकी स्पेसएक्स ने उम्मीद की थी।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगले आर्टेमिस मिशन के लिए स्टारशिप के तैयार होने से पहले अभी लंबा रास्ता तय करना है और कई और परीक्षण उड़ानें होनी बाकी हैं।




