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तांबे-चांदी से बनेगी खाद, जर्मनी की ये कंपनी भारत ला रही है खास नैनो-फर्टिलाइजर

 जर्मनी की जानी-मानी कृषि प्रौद्योगिकी कंपनी ‘बीप्लसएच सॉल्यूशंस जीएमबीएच’ (B+H Solutions GmbH) ने भारतीय कृषि बाजार में अपने विस्तार की एक बड़ी रूपरेखा तैयार की है। देश में अपनी खास धातु-आधारित (Metal-based) नैनो-फर्टिलाइजर तकनीक की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने साल 2026 में भारत में 10 लाख यूरो (11.09 करोड़ रुपये) का निवेश करने का लक्ष्य रखा है।

जर्मनी कंपनी का भारत में निवेश के मुख्य कारण

कंपनी भारत में अपना कामकाज 2022 में स्थापित अपनी सहायक इकाई ‘डॉ. हेनीश एग्री सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए करती है। निवेश के इस नए कदम के पीछे सबसे बड़ा कारण हाल ही में मिली नियामकीय (रेगुलेटरी) मंजूरी है।

बीप्लसएच सॉल्यूशंस जीएमबीएच की महाप्रबंधक और मुख्य विज्ञान अधिकारी (CSO) डॉ. लॉरा वीलर ने बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) के तहत कंपनी को हाल ही में ‘नैनो पंजीकरण’ प्राप्त हुआ है। डॉ. वीलर ने कहा, “इस अहम मंजूरी के बाद हम भारतीय बाजार को लेकर बेहद उत्साहित हैं और इसी वजह से 2026 में भारत में 10 लाख यूरो के निवेश की योजना बना रहे हैं।” गौरतलब है कि साल 2025 में कंपनी की कुल वैश्विक बिक्री दो करोड़ यूरो रही थी, जो इसके बढ़ते प्रभाव को दिखाती है।

पारंपरिक नैनो यूरिया से कैसे अलग ये तकनीक?

वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक नाइट्रोजन-आधारित उर्वरकों (जैसे नैनो यूरिया) के मुकाबले बीप्लसएच की यह तकनीक काफी अलग है। यह पूरी तरह से एक धातु-आधारित नैनो प्रौद्योगिकी समाधान है, जिसमें मुख्य रूप से चांदी (Silver) और तांबे के नैनोकणों का इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी इसे ‘फर्टिलाइजर प्लस’ के रूप में परिभाषित करती है।

इस तकनीक के मुख्य फायदे क्या हैं?

यह पौधों की अपनी इम्यूनिटी को काफी मजबूत बनाती है। साथ ही यह तकनीक पौध संरक्षण एजेंट के रूप में काम करती है, जिससे फसलों पर बीमारियों का दबाव काफी कम हो जाता है। डॉ. वीलर के अनुसार, “हमारा मानना है कि जो समस्याएं पारंपरिक उर्वरक बाजारों को प्रभावित करती हैं, उनका असर हमारे इन खास उत्पादों पर नहीं पड़ेगा।”

किसानों के लिए फिलहाल क्या हैं विकल्प?

कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार में किसानों के बीच इन उन्नत नैनो-उत्पादों के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इसी जागरूकता के दम पर कंपनी को साल 2026 में शानदार और मजबूत वृद्धि की उम्मीद है।

अगर मौजूदा स्थिति की बात करें, तो वर्तमान में भारतीय बाजार में कंपनी के आठ उत्पाद पहले से ही उपलब्ध हैं। इनमें से एक प्रमुख उत्पाद ‘एग्रोबीज’ है, जिसे कंपनी ने विशेष रूप से भारतीय कृषि की जलवायु और मिट्टी की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।

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