राम मंदिर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था चरमराई, पदाधिकारियों की ID निष्क्रिय होने का दिख रहा असर

रामनगरी अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रशासनिक बदलाव का असर अब वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। अधिकृत पास जारी करने वाले पदाधिकारियों की आईडी निष्क्रिय होने और नई व्यवस्था समय पर लागू न होने से श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन पास प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशिष्ट अतिथियों और उनके प्रतिनिधियों को भी समय पर पास नहीं मिल पा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव की अधिकृत लॉगिन आईडी निष्क्रिय किए जाने के बाद उनकी जगह अब तक नए अधिकृत आईडी और पासवर्ड जारी नहीं किए गए हैं। इससे ऑफलाइन वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
सामान्य दर्शन व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा
पहले प्रतिदिन करीब तीन हजार श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्लॉट में ट्रस्ट स्तर से वीआईपी दर्शन पास जारी किए जाते थे। अब केवल सीमित माध्यमों से ही पास जारी हो रहे हैं, जिसके कारण कई लोगों को या तो लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या फिर सामान्य दर्शन व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है।
जल्द लागू होगी अंतरिम महासचिव की आईडी
जानकारी के अनुसार, अंतरिम महासचिव डॉक्टर कृष्ण मोहन को जल्द अधिकृत आईडी दिए जाने की तैयारी चल रही है। आगामी ट्रस्ट बैठक में अन्य ट्रस्टियों को भी वीआईपी पास जारी करने का अधिकार दिए जाने पर निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नए सदस्यों के चयन की भी संभावना है।
इस बीच मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि पहले की तुलना में वीआईपी दर्शन पास प्राप्त करना कठिन हो गया है। उनका कहना है कि यदि नई व्यवस्था शीघ्र लागू नहीं हुई तो आगामी त्योहारों और बढ़ती भीड़ के दौरान दर्शन व्यवस्था पर और अधिक दबाव पड़ सकता है।




