
भिवानी: राष्ट्रमंडल खेलों में भिवानी की जैस्मिन लंबोरिया और प्रिया घनघस का मैडल पक्का हो गया है। अब दोनों गोल्ड के लिए मुक़ाबला लड़ेंगी। दोनों के परिवार वाले गोल्ड की उम्मीद लगाए बैठे है तथा दोनों के परिवार को अपने बच्चों पर विश्वास है की गोल्ड लेकर भारत लौटेंगे। जैस्मिन 57 किलोग्राम भार वर्ग ने गोल्ड की लड़ाई लड़ेंगी। गलास्को में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा का जलवा है।
जैस्मिन लंबोरिया के माता पिता मंदिर में अरदास लगा रहे है कि उनकी बेटी भारत के लिए मैडल लेकर आए। माता जोगेंद्र कौर का कहना है की बेटी को दूध, घी और चूरमा खिलाकर तैयार किया है। उन्होंने बताया कि 10 वर्षों की अथक मेहनत के बाद आज वो दिन आ गया है, जिसमे बेटी गोल्ड जीत कर आएगी।
वही जैस्मिन के पिता व कोच संदीप जो की चाचा भी है उन्होंने भी उम्मीद जताई है कि गोल्ड मैडल जीतकर ही बेटी आएगी। उन्होंने बताया की बेटी जैस्मिन ने खूब मेहनत की है और आज इस मुकाम पर पहुँची है। उनका कहना है की बेटी भारत के लिए मेडल लेकर लौटेगी।
वहीं प्रिया घनघस 60 किलोग्राम भार वर्ग में खेलेगी। प्रिया के घर में भी ख़ुशी का माहौल है। प्रिया भी राष्ट्रमंडल खेलों में गलास्को गई है। उसके लिए माता मीरा देवी अपनी बेटी के फाईनल मुकाबले को देखने के लिए उत्सुक है, क्योंकि गोल्ड के लिए बेटी का बाऊट है।
माता मीरा देवी का कहना है की बेटी चूरमा की शौकीन है और आते ही उसे चूरमा और खीर खिलाएगी। वही पिता महेंद्र व ताऊ रणवीर का कहना है की बेटी से बहुत उम्मीद है। उन्होंने बताया की आज रात को मैच है और गांव में सभी मिलकर बेटी का मैच देखेंगे। वही उन्होंने बताया की बेटी से गोल्ड की उम्मीद है।




