
एआई इंपैक्ट समिट का पूरी दिल्ली में इंपैक्ट दिख रहा है। एआई के चमत्कार से भारतमंडपम में दर्शकों की भरमार है। सबकी दिलचस्पी नई नवेली और हर दिन विकसित हो रही तकनीक में अपनी समझ बढ़ाने की है। साथ ही इससे पैदा हो रहे अवसरों की भी तलाश है। विशेषज्ञ, निवेशक व उद्यमी भी पीछे नहीं हैं। वहीं, नौकरी की छंटनी की आशंका लिए लोग भी पहुंच रहे हैं। इसका मिला-जुआ असर आयोजन स्थल के इंट्री गेट पर दिखा।
मंगलवार सुबह से ही यहां लंबी लाइन लगी रही। समिट शुरू होने के साथ ही पूरी क्षमता के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो गए हैं। फिलहाल इस प्रक्रिया को रोक दिया गया है। अब एआई समिट में जाने को इच्छुक लोगों का सलाह दी जा रही है कि क्षमता से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण करवा लिया है। अब आप एआई समिट में लाइव शिरकत कर सकते हैं। इसके लिए बाकायदा सेशन के यूट्यूब लिंक भी भेजा जा रहा है।
उधर, भारतमंडपम में मौजूद युवाओं व प्रोफेशनल का मानना है कि एआई स्किल्स आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। यहां दिन भर चलने वाले संवाद और एक्सपर्ट से बातचीत कर इस बात का भरोसा बना है कि एआई को लेकर भी डर उसी तरह का है, जैसे पहले कंप्यूटर और लैपटॉप को लेकर था। यहां विषय को समझने में व्यावहारिक नजरिया मिल रहा है। हालांकि, कुछ प्रोफेशनल में इस बात को लेकर आशंका दिखी कि भविष्य में एआई रोजगार के अवसर कम करेगा। इससे तकनीक पर निर्भर कई नौकरियां खत्म होंगी।
दर्शक बोले…..
एआई बहुत जल्दी से विकसित हो रहा है। एआई के आने से मेरी जॉब चली गई थी, लेकिन मैं निराश नहीं हुआ। मैंने एआई का इस्तेमाल सीखा और आज मैं अच्छी जगह नौकरी कर रहा हूं। मुझे ठीक ठाक सैलरी भी मिल रही है। आने वाला भविष्य एआई का है।
-किसलय, भारतीय मूल के यूके निवासी
एआई को लेकर लोगों में अधिक उत्साह है। यहां बहुत लंबी लाइन लगी है। भारत मंडपम में पहुंचने में लगता है घंटे भर से अधिक समय लगेगा। एआई के प्रति यह दीवानगी सीखाती है कि हमें एआई के साथ चलने की जरूरत है। नहीं तो हम बहुत पीछे छूट जाएंगे।
-इकांशु, भारतीय मूल के जर्मन निवासी
मैं सॉफ्टवेयर डेवलपर हूं। मैंने अपना खुद का स्टार्टअप किया है। एआई इंपैक्ट समिट में यह देखने आया हूं कि एआई कैसे काम करता है। तकनीक का कितना विकास हुआ है। इससे मुझे कुछ आइडियाज मिल जाएगा, जिसे मैं अपने प्रोडक्ट में शामिल कर सकूंगा।
-निखिल गौतम, चंडीगढ़
अलग-अलग सत्रों में विशेषज्ञों की राय
20 साल से भारत आ रहा हूं। मुझे यहां के लोगों में जो ऊर्जा दिखी वह बहुत पसंद है। हम इनोवेशन की एनर्जी, भारत की एनर्जी और भारत के इनोवेशन को मिलाकर ग्लोबल इनोवेशन के मेन ट्रैक में ला सकते हैं। भारत और नॉर्वे के बीच ऐसे कई क्षेत्र हैं, जिनमें हम सहयोग कर सकते हैं। हमने हाल ही में एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, ट्रेड और इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट किया है, जिसमें आने वाले समय में एआई भी कई क्षेत्रों में एक बड़ा हिस्सा होगा।
पासी टोइवानन, सह-अध्यक्ष, नोकिया और प्रमुख, एज क्लाउड प्लेटफॉर्म्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत पावरफुल तकनीक है। इससे बहुत फायदा होगा, लेकिन नौकरियों बचाए रखना बड़ी चुनौती होगी। फिर, इसका शिक्षा पर भी असर पड़ेगा। भारत में आयोजित समिट शानदार है। इसमें पूरी दुनिया से वक्ता शामिल हो रहे हैं। हजारों प्रतिभागी, आम दर्शक भी हैं। इससे सबसे यहां आकर उत्साह बढ़ा है।
गैब्रियल सांचेज जिन्नी, चीफ ऑफ स्टाफ, ब्यूनस आयर्स
डिजिटल और क्लाइमेट एक्शन का दोहरा चक्र बनाना होगा। एआई को क्लाइमेट चैलेंजेस से जोड़कर ही हम बिना रुके ग्रोथ हासिल कर सकते हैं।
-अरुणाभा घोष, सीईओ,सीईईडब्लू
एआई गवर्नेंस में जवाब देही की कमी है। राज्यों, नागरिकों और टेक जाएंट के बीच लाइंस धुंधली हो गई हैं। हमें इसे साफ और प्रभावी बनाना होगा।
-किलेयर मेलेमड, वीपी, यूएन फाउंडेशन
ग्लोबल साउथ के युवा और अनुभव एआई को इंक्लूसिव बनाने में अहम हैं। भारत इस दिशा में लीडरशिप दे रहा है। विश्वास और बहुआयामी सुधार से नई शुरुआत होगी।
-फिलिप थीगो,स्पेशल एनवाय, ऑफिस ऑफ द प्रेसिडेंट ऑफ केन्या




