
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के क्रांतिकारी सीएम बन रहे हैं। आप नेता और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की हैं, जो आम लोगों के दैनिक जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही हैं। किसान, युवा या मध्यम वर्ग, भगवंत मान सरकार ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की हैं, जिनसे पंजाब के हर वर्ग को लाभ मिल रहा है। अब भगवंत मान सरकार पंजाब को इको-टूरिज्म का हब बनाने की कोशिश में जुटी है। नीचे वह सब कुछ बताया गया है, जो आपको जानना चाहिए- पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार ने इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। पंजाब प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और राज्य के हर जिले की अपनी विरासत और इतिहास है। इसी पर ध्यान केंद्रित करते हुए सरकार ने पर्यटकों को खूबसूरत पहाड़ियों, बांधों और जंगलों से परिचित कराने के लिए कई योजनाएं तैयार की हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार भी तलवाड़ा और होशियारपुर के मैली डैम में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक परियोजना शुरू कर रही है। इसके लिए वन विभाग ने योजना तैयार कर ली है। इसके तहत कैंपिंग के लिए जरूरी ऑल वेदर हट्स बनाए जाएंगे। तलवाड़ा में इको पार्क से पर्यटकों को एक पहाड़ी से पूरे शहर का नजारा देखने को मिलेगा, जिसे हवा महल के नाम से जाना जाएगा। यह परियोजना एक एकड़ में बनाई जाएगी।
मत्तेवाड़ा के वन — लुधियाना में सतलुज नदी के किनारे बसे मत्तेवाड़ा के जंगल अब इको टूरिज्म का हब बनेंगे। यहां 8 जंगल हैं। इसके अलावा ढाई किलोमीटर का जंगल है। पंजाब सरकार ने जंगलों को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए हैं। इस इलाके को टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर विकसित किया जाएगा।
चमरौड़ पत्तन— विंजीत सागर बांध जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर पठानकोट में स्थित है। इस बांध के पास ही चमरोड़ पाटन है। 3 राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पहाड़ियाँ हैं। यह जादुई जगह 57 किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। पहाड़ियों के पास ही मनमोहक नीली झील स्थित है।
पंजाब सरकार इस झील के कुल्लुआ टापू पर 18 एकड़ में इको-टूरिज्म के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इसके तहत टापू पर 20 कॉटेज तैयार किए जाएंगे और वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियाँ भी की जाएंगी।