CM नीतीश के दौरे से राजगीर में हंगामा: वीआईपी मूवमेंट के कारण 3 घंटे रोके गए श्रद्धालु

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को नालंदा और नवादा जिले का दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट्स और आगामी ऐतिहासिक ‘मलमास मेला-2026’ की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। वहीं, राजगीर में प्रशासन की कड़ी व्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं और अधिकारियों के बीच बड़ा हंगामा भी हुआ।
श्रद्धालुओं का गुस्सा, तीन घंटे तक धूप में रोके गए
राजगीर के महादेव स्थान से ब्रह्मकुंड में जल भरने जा रहे कलशधारी भक्तों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के कारण रास्ते में ही रोक दिया गया। करीब तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद भक्तों का सब्र टूट गया। भीड़ ने ‘जय श्री राम’ और ‘नीतीश कुमार हाय-हाय’ के नारे लगाना शुरू कर दिए। भक्तों ने बताया कि सुबह से भूखे-प्यासे खड़े रहने के बाद उन्हें कोई पानी या छांव की सुविधा नहीं दी गई। 15 किलोमीटर पैदल चलकर आए श्रद्धालु शांति देवी ने कहा कि हम अखंड कीर्तन के लिए जल भरने आए थे, लेकिन तीन घंटे तक रोके जाने के कारण परेशानी हुई। भीड़ में दो बच्चे भी गुम हो गए और कुछ लोग बेहोश हो गए। प्रशासन ने भक्तों को आगे जाकर जल भरने की अनुमति दे दी।
मलमास मेला-2026 की तैयारियों की समीक्षा
इसके पहले, मुख्यमंत्री नवादा के मोतनाजे हेलीपैड पर उतरे और सड़क मार्ग से राजगीर पहुंचे। उन्होंने गिरियक स्थित ‘गंगाजी राजगृह जलाशय’ का निरीक्षण किया। इसके बाद राजगीर में आयोजित होने वाले ‘मलमास मेला-2026’ की तैयारियों पर अधिकारियों के साथ बैठक की।
नवादा में मोतनाजे डैम का जायजा
राजगीर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री नवादा भी गए। ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत चल रही ‘गंगाजल उद्वह योजना’ (हर घर गंगाजल) के तहत मोतनाजे डैम में कार्यों का निरीक्षण किया। यह परियोजना दक्षिण बिहार के सूखाग्रस्त शहरों में पीने का शुद्ध गंगाजल पहुंचाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना है। नीतीश कुमार नवादा में केवल 10 मिनट रुके, अधिकारियों से विकास कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद वे पटना के लिए रवाना हो गए। इस दौरान नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश, पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान और कई सांसद, मंत्री तथा विभिन्न पार्टियों के जिला अध्यक्ष मौजूद थे।



