आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा तूफान अर्णब, ओडिशा-बंगाल से यूपी तक दिखा असर

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्णब विकराल रूप धारण कर चुका है। इसकी ताकत के साथ-साथ दायरा भी बढ़ता जा रहा है। देश के करीब 70 प्रतिशत हिस्से पर इसका असर पड़ सकता है। आज जब यह आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, तब हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश के आसार हैं। इससे खेती से लेकर रेल परिचालन और जनजीवन तक प्रभावित हो सकता है। सबसे ज्यादा खतरा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में है।
दो से चार बजे के बीच टकराएगा चक्रवात
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अति प्रचंड चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह बुधवार तड़के दो से चार बजे के बीच बापटला एवं विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराएगा।
कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है। तूफान के प्रभाव को देखते हुए तटीय राज्यों में बचाव और राहत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। एनडीआरएफ की 31 टीमें तैनात की गई हैं।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में करीब चार हजार राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इन राज्यों में जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। बारिश के चलते खरीफ फसलों की कटाई, मड़ाई एवं भंडारण प्रभावित हो सकता है।
50 ट्रेनों का परिचालन रद
आंध्र प्रदेश में तटीय जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम एवं काकीनाडा सहित कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ भारी बारिश का खतरा है।
ऊंची लहरें उठने की आशंका के बीच लोगों को समुद्र तट से दूर रहने और प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षित आश्रय स्थलों में जाने की सलाह दी गई है। मछलियां पकड़ने पर रोक लगा दी गई है।
विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम रेल मंडलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। करीब 600 किलोमीटर रेलमार्ग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। रेलवे ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में करीब 50 ट्रेनों का परिचालन रद कर दिया है। जबकि मंगलवार को विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर 21 उड़ानें रद की गईं।
ओडिशा में गजपति और नबरंगपुर जिलों से बड़े पैमाने पर लोगों को हटाया जा रहा है। आठ जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। चक्रवात का असर भुवनेश्वर, कटक और अन्य तटीय क्षेत्रों में दिखने लगा है।
यहां बारिश शुरू हो गई है। राज्य में करीब 48 हजार लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका है। झारखंड में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली समेत इन जगहों पर होगा असर
अर्णब का प्रभाव उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है, जहां 29-30 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29-30 अक्टूबर को हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी 29-30 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। बिहार के कई हिस्सों में भी वर्षा हो सकती है। गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बारिश का असर हर जिले में एक जैसा नहीं होगा।
इस देश ने दिया अर्णब नाम
चक्रवाती तूफान का नाम ‘अर्णब’ बांग्लादेश ने रखा है। यह उत्तर हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के लिए तैयार आधिकारिक नामों की सूची में शामिल है। बांग्ला में ‘अर्णब’ का अर्थ महासागर या समुद्र होता है।




