
हरियाणा में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सरकार ने प्रतिबंधों की स्थिति स्पष्ट कर दी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले जिलों में पूरे साल सभी तरह के पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं, गैर-एनसीआर जिलों में भी लड़ियों और ग्रीन पटाखों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक रहेगी। आतिशबाजी में बेरियम लवण के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के 17 जनवरी 2025 के निर्देशों के बाद प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में यह प्रतिबंध लागू किया गया था। सरकार ने 28 फरवरी 2025 को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत आदेश जारी कर एनसीआर जिलों में सालभर पटाखों पर रोक लगाई थी।
त्योहारों पर समय की पाबंदी
गैर-एनसीआर जिलों में दीपावली और गुरुपर्व जैसे त्योहारों पर केवल ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। इसके लिए रात 8 से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे।
लड़ियों पर भी प्रतिबंध
गैर-एनसीआर क्षेत्रों में जुड़े हुए पटाखे यानी सीरीज पटाखे और लड़ियां प्रतिबंधित रहेंगी। इनके अलावा अन्य सामान्य पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। केवल निर्धारित समय में ग्रीन पटाखों को ही अनुमति होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने आम जनता और संबंधित कारोबारियों को इन आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।




