
दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बिना इजाजत के बने ढांचों को हटाना था। साथ ही, अवैध कब्जों को भी हटाया गया। प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में तोड़-फोड़ की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से पहले क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। यह तैनाती सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी।
अधिकारियों ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी दी। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने यह सूचना जारी की। प्राधिकरण ने कश्मीरी गेट के यमुना बाजार क्षेत्र में रहने वाले लोगों को घर खाली करने का नया नोटिस दिया था। यह सूचना उन लोगों के लिए थी जो अवैध रूप से वहां रह रहे थे। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने निगम बोध घाट के पास कार्रवाई की।
यमुना बाजार इलाके में यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बिना इजाजत के बने ढांचों को हटाना था। साथ ही, अवैध कब्जों को भी हटाया गया। प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
ध्वस्तीकरण अभियान की पृष्ठभूमि
यह अभियान दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा चलाया गया। प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों को चिह्नित किया था। निगम बोध घाट के पास यमुना बाजार क्षेत्र में कई अवैध ढांचे बने हुए थे। इन ढांचों और कब्जों को हटाने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। प्राधिकरण ने पहले ही लोगों को घर खाली करने की सूचना दे दी थी।
सुरक्षा व्यवस्था और आगामी कदम
तोड़-फोड़ की कार्रवाई से पहले भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यह सुनिश्चित करने के लिए था कि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य दिल्ली को अवैध कब्जों से मुक्त करना है।



