सीएम योगी बोले- आजादी सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, अराजकता और गरीबी से मुक्ति भी जरूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल ”राजनीतिक स्वतंत्रता” नहीं है, बल्कि अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, निरक्षरता और असमानता से पूरी तरह मुक्ति भी है। लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आदित्यनाथ ने कहा कि आज इस स्वतंत्र वातावरण में हर भारतीय जिस आजादी का अनुभव कर रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों के बलिदान, तपस्या और शहादत का परिणाम है।
षड्यंत्रों के कारण यह देश गुलाम बना
उन्होंने कहा, ”यह सच है कि आपसी कलह और षड्यंत्रों के कारण यह देश गुलाम बना। हालांकि, इस देश ने अपने हृदय और मस्तिष्क में कभी गुलामी को स्वीकार नहीं किया। इस पराधीनता के खिलाफ संघर्ष और आंदोलन देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर हुए।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”1857 का स्वतंत्रता संग्राम देश की आजादी की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। शहीद मंगल पांडेय के नेतृत्व में बैरकपुर से लेकर झांसी में रानी लक्ष्मीबाई और मेरठ में धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व तक स्वतंत्रता की वह लौ स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जो आगे चलकर हर गांव, जिले और प्रांत में जली।
अखंडता को मजबूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना होगा
उन्होंने कहा कि सभी के मन में देश को विदेशी गुलामी से मुक्त कराने का विश्वास और भावना थी। मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमें देश को बांटने या कमजोर करने का प्रयास करने वाली ताकतों के प्रति पूरी तरह सतर्क रहना होगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा, ”आज उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण दिवस है। पहली बार उत्तर प्रदेश से पुलिस उपनिरीक्षक सुनील कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने इस प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करने का संकल्प निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।




