हार्ट डिजीज से भारत में हर साल 28.6 लाख मौतें

पिछले कुछ समय में संक्रामक बीमारियों से ज्यादा लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का प्रकोप देखने को मिला। युवाओं में अचानक कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसलिए दिल की सेहत को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के डेटा के अनुसार, भारत में हर साल दिल की बीमारियों के कारण 28.6 लाख लोगों की मृत्यु होती है। यह आंकड़ा न केवल डराने वाला है, बल्कि इस बात का संकेत भी है कि हमारा दिल पहले से कहीं ज्यादा खतरे में है। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे हैं, युवाओं के भी अपनी चपेट में ले रहे हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही लाइफस्टाइल अपनाकर दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। आइए जानें कैसे।
कैसे रखें अपने दिल का ख्याल?
खान-पान में सुधार- दिल की बीमारियों का खतरा कम करने के लिए यह सबसे जरूरी स्टेप है। ज्यादा नमक, चीनी और ट्रांस फैट आर्टरीज को ब्लॉक कर सकते हैं। बचाव के लिए अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स, जैसे- ओट्स, साबुत अनाज, दालें और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। साथ ही, मौसमी फल और ड्राई फ्रूट्स को भी डाइट का हिस्सा बनाएं।
नियमित एक्सरसाइज- सेडेंटरी लाइफस्टाइल दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है। दिल की मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट ब्रिस्क वॉक करने की कोशिश करें। इसके साथ ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग करना भी फायदेमंद है।
स्मोकिंग और शराब से दूरी- स्मोकिंग और तंबाकू दिल के लिए जहर के समान है। निकोटीन ब्लड वेसल्स को कॉन्ट्रेक्ट कर देता है, जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। शराब भी हार्ट फेलियर के जोखिम को बढ़ाता है।
स्ट्रेस मैनेजमेंट- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक साइलेंट किलर बन चुका है। ज्यादा स्ट्रेस से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो सीधे दिल पर दबाव डालता है। पूरी नींद लें और तनाव कम करने के लिए हॉबी या मेडिटेशन का सहारा लें।
नियमित जांच है जरूरी- अक्सर लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते जब तक कि कोई गंभीर लक्षण न दिखे। दिल की बीमारियों से बचने के लिए नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल, बीपी और शुगर की जांच करवाएं, खासकर अगर आपके परिवार में पहले से दिल की बीमारियों के मामले रहे हैं।



