
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए जारी दाखिला प्रक्रिया में 2589 नए छात्रों की एंट्री हुई है। अब ये छात्र भी सीट आवंटन की दौड़ में शामिल हो गए हैं। विश्वविद्यालय ने दूसरी आवंटन सूची के बाद तीन से पांच सितंबर तक मिड एंट्री और पहले से भरी गई वरीयताओं में बदलाव का अवसर दिया था। इस दौरान इन नए छात्रों ने मिड एंट्री का विकल्प चुनकर दाखिला प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
डीयू की दो सीट आवंटन सूचियों के बाद विभिन्न कॉलेजों और पाठ्यक्रमों में कुल 12 हजार सीटें अभी भी खाली हैं। इनमें सबसे अधिक एसटी और पीडब्ल्यूडी श्रेणी के छात्रों की रिक्त हैं। सामान्य वर्ग व अन्य वर्गों के लिए साइंस व भाषा के प्रोग्राम में अभी कुछ सीटें बची हुई हैं। इन्हीं रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए छात्रों को मिड एंट्री का अवसर दिया गया था मिड एंट्री लेने वाले छात्रों में ऐसे छात्र शामिल हैं, जो पहले चरण में किसी कारणवश कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के तहत आवेदन नहीं कर पाए थे। इसके अलावा कई छात्रों ने अपनी पहले से भरी गई वरीयताओं में भी बदलाव किया है, ताकि तीसरे चरण में बेहतर विकल्प मिलने की संभावना बढ़ सके।




