पाकिस्तान में अफगान मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे विवाद का असर बीते कुछ दिनों से वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों के भविष्य पर दिखने लगा था। हालांकि अब अदालत के एक कड़े फैसले ने फिलहाल इन छात्रों को बड़ी राहत दी है।
पूरे मामले को ऐसे समझिए कि पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में देश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों को यह आदेश दिया था कि वे वहां पढ़ रहे सभी अफगान छात्रों को तुरंत कॉलेज से बाहर निकालें और उन्हें वापस अफगानिस्तान भेजें। सरकार ने इसके पीछे दोनों देशों के बीच बिगड़े हुए रिश्तों का हवाला दिया था। इस फैसले के बाद छात्रों को उनके हॉस्टल से भी बाहर निकाला जाने लगा था।
अदालत में किसने और क्यों चुनौती दी?
बता दें कि इस अचानक और कठोर फैसले के खिलाफ 13 अफगान मेडिकल छात्रों ने लाहौर हाईकोर्ट (LHC) में याचिका दायर की। इन छात्रों में कई ऐसी लड़कियां भी शामिल हैं जो अपनी पढ़ाई के आखिरी वर्ष में थीं और कुछ ही महीनों में डॉक्टर बनने वाली थीं।
एक छात्रा ने अदालत को बताया कि वह पहले ही तालिबान के प्रतिबंधों की वजह से अफगानिस्तान में अपनी पढ़ाई छोड़ चुकी थी और पाकिस्तान में बहुत उम्मीद के साथ अपनी डिग्री पूरी कर रही थी।
लाहौर हाईकोर्ट का फैसला
मामले की सुनवाई करते हुए लाहौर हाईकोर्ट के जस्टिस खालिद इशाक ने पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल (PMDC) के उस आदेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जिसमें अफगान छात्रों को निकालने को कहा गया था।
अदालत ने आदेश दिया कि अफगान छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने की पूरी अनुमति दी जाए। वे अपनी परीक्षाओं में बैठ सकें और उन्हें उनके हॉस्टलों में वापस रहने दिया जाए।
अदालत ने PMDC को जारी किया नोटिस
इतना ही नहीं, अदालत ने इस मामले में पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल (PMDC), स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित मेडिकल कॉलेजों के कुलपतियों (VCs) को नोटिस जारी किया है और 18 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर जवाब मांगा है।




